हंसा हुआ दु;ख
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वह हंसा,
हँसते-हँसते रो गया अपनी व्यथा।
पूरे संसार में,
दु:ख झेलने की यही है प्रथा।
क्यों रोते हो पूछ गया दुखी मन।
हृदय के आघात दिखाकर
सुखी हो गया पीड़ित तन।
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अरुण कुमार प्रसाद/19/6/22
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